Thursday, October 23, 2008

सामजिक पीकदान

सामजिक पीकदान
के कारण,
कई अभिलाषाएं , कई प्रतिभाएं ,
कुर्बान

पुरूष खोलता हे
कपडों की डोरियाँ मुस्कुराकर ,
पर जकड देता हे मन को
परम्पराओ का आइना दिखा कर

मंदी में
सामजिक व्यवस्था हे
जननी का शरीर
सबसे सस्ता हे

22 comments:

ताऊ रामपुरिया said...

मंदी में
सामजिक व्यवस्था हे
जननी का शरीर
सबसे सस्ता हे
बढिया मकरंद सर ! अब तो दीपावली आगई ! टर्मिनल छोडो !:)

seema gupta said...

"what to say.........????????"
Regards

भवेश झा said...

perfect,

भवेश झा said...

दीवाली ki dher sari shubhkamanayen.

राज भाटिय़ा said...

बहुत् ही सुन्दर
धन्यवाद

Dr. Nazar Mahmood said...

बहुत् ही सुन्दर

प्रदीप मानोरिया said...

मंदी में
सामजिक व्यवस्था हे
जननी का शरीर
सबसे सस्ता हे
बहुत गंभीर भाव
सुखमय अरु समृद्ध हो जीवन स्वर्णिम प्रकाश से भरा रहे
दीपावली का पर्व है पावन अविरल सुख सरिता सदा बहे

दीपावली की अनंत बधाइयां
प्रदीप मानोरिया

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

Happy Depaawali to you, your friends and your family!

seema gupta said...

दीप मल्लिका दीपावली - आपके परिवारजनों, मित्रों, स्नेहीजनों व शुभ चिंतकों के लिये सुख, समृद्धि, शांति व धन-वैभव दायक हो॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ इसी कामना के साथ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ दीपावली एवं नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

संदीप शर्मा Sandeep sharma said...

दीपावली की हार्दिक मंगलकामनाएं...

dr. ashok priyaranjan said...

achcha likha hai aapney.

दीपावली की हािदॆक शुभकामनाएं । ज्योितपवॆ आपके जीवन में खुिशयों का आलोक िबखेरे, यही मंगलकामना है ।

दीपावली पर मैने अपने ब्लाग पर एक रचना िलखी है । समय हो तो आप पढें़और प्रितिक्रया भी दें ।

http://www.ashokvichar.blogspot.com

समयचक्र - महेद्र मिश्रा said...

दीपावली पर्व की आपको और आपके परिजनों को हार्दिक शुभकामना .

ताऊ रामपुरिया said...

परिवार व इष्ट मित्रो सहित आपको दीपावली की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !
पिछले समय जाने अनजाने आपको कोई कष्ट पहुंचाया हो तो उसके लिए क्षमा प्रार्थी हूँ !

makrand said...

परिवार व इष्ट मित्रो सहित आपको दीपावली की बधाई एवं हार्दिक शुभकामनाएं !
shama badan ko chahiye
chotan ko utpat
hum utpat bhi karange or shama mangana to humara adikar hey aap mere mammaji ho
charan sparas
makrand

भूतनाथ said...

आपकी सुख समृद्धि और उन्नति में निरंतर वृद्धि होती रहे !
दीप पर्व की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं !

koi fark nahi albatta... said...

सामाजिक पीकदान!
अच्छा नाम दिया है।
दीपावली की शुभकामनाएं!

हरकारा said...

kavita thik lagi.

दीपक "तिवारी साहब" said...

दीपावली पर आप को और आप के परिवार के लिए
हार्दिक शुभकामनाएँ!

डॉ .अनुराग said...

एक बार फ़िर आपके खास अंदाज की बेहतरीन रचना

योगेन्द्र मौदगिल said...

badiya rachna hai makrand g
yadypi aap to aate rahte hain

magar

मित्रवर,
नमस्कार.
मेरे ब्लाग 'यार चकल्लस' पर आपकी टिप्पणी पढ़ कर आपकी सदाशयता से अभिभूत हूं.
परन्तु आपकी जानकारी के लिये निवेदन है कि
यों तो मेरे पांच ब्लाग है लेकिन मैं केवल तीन ब्लाग्स को ही निरन्तर अपडेट कर पा रहा हूं.
इसलिये यदि आप मेरे निम्न ब्लाग्स पर भ्रमण करेंगें तो मेरी जानकारी में रहेंगें और संवाद बना रहेगा

योगेन्द्र मौदगिल डाट ब्लागस्पाट डाट काम
yogindermoudgil.blogspot.com
हरियाणा एक्सप्रैस डाट ब्लागस्पाट डाट काम
haryanaexpress.blogspot.com
कलमदंश पत्रिका डाट ब्लागस्पाट डाट काम
kalamdanshpatrika.blogspot.com

निम्न दोनो ब्लाग्स अभी अपडेट नहीं कर पा रहा हूं
हास्यकविदरबार डाट ब्लागस्पाट डाट काम
hasyakavidarbar.blogspot.com
यारचकल्लस डाट ब्लागस्पाट डाट काम
yaarchakallas.blogspot.com
शेष शुभ
आशा है आप उपरोक्त तीनों ब्लाग्स ही पढ़ेंगें
साभार
-योगेन्द्र मौदगिल

योगेन्द्र मौदगिल said...

मित्रवर,
नमस्कार.
मेरे ब्लाग 'हास्य कवि दरबार' पर आपकी टिप्पणी पढ़ कर आपकी सदाशयता से अभिभूत हूं.
परन्तु आपकी जानकारी के लिये निवेदन है कि
यों तो मेरे पांच ब्लाग है लेकिन मैं केवल तीन ब्लाग्स को ही निरन्तर अपडेट कर पा रहा हूं.
इसलिये यदि आप मेरे निम्न ब्लाग्स पर भ्रमण करेंगें तो मेरी जानकारी में रहेंगें और संवाद बना रहेगा

योगेन्द्र मौदगिल डाट ब्लागस्पाट डाट काम
yogindermoudgil.blogspot.com
हरियाणा एक्सप्रैस डाट ब्लागस्पाट डाट काम
haryanaexpress.blogspot.com
कलमदंश पत्रिका डाट ब्लागस्पाट डाट काम
kalamdanshpatrika.blogspot.com

निम्न दोनो ब्लाग्स अभी अपडेट नहीं कर पा रहा हूं
हास्यकविदरबार डाट ब्लागस्पाट डाट काम
hasyakavidarbar.blogspot.com
यारचकल्लस डाट ब्लागस्पाट डाट काम
yaarchakallas.blogspot.com
शेष शुभ
आशा है आप उपरोक्त तीनों ब्लाग्स ही पढ़ेंगें
साभार
-योगेन्द्र मौदगिल

रंजना said...

मंदी में
सामजिक व्यवस्था हे
जननी का शरीर
सबसे सस्ता हे
..........

kya kahun?????? katu par ekdam satya.Bahut sundar.