Monday, October 13, 2008

लिव इन, लीव आउट

युद्ध के मैदान में
जितने शहीद नही हुए
एडस में भी इतने
नही गले

सूचना के सभी माध्यमो
के सर्वे से पता चला
अवेध संबंधो की वजह से
उससे ज्यादा स्वर्ग सिधार गए

पर अब ऐसा नही होगा
देश का सामाजिक विकास होगा
सभी ब्लोग्धारी आम जन निश्चिंत हो जांए
लिव इन रहे

नोट : लीव आउट आप की मर्जी

11 comments:

भूतनाथ said...

पर अब ऐसा नही होगा
देश का सामाजिक विकास होगा
सभी ब्लोग्धारी आम जन निश्चिंत हो जांए
लिव इन रहे

नोट : लीव आउट आप की मर्जी

ताऊ रामपुरिया said...

बहुत अच्छे मकरंद सर !

रश्मि प्रभा said...

sahi hai

लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` said...

य़े पब्लिक सब जानती है
किसीका कहना कहाँ मानती है !
-लावण्या

राज भाटिय़ा said...

जो कल चोर थे आज सेठ है, जो कल अवेध था आज लिव इन है
धन्यवाद

मनुज मेहता said...

पर अब ऐसा नही होगा
देश का सामाजिक विकास होगा
सभी ब्लोग्धारी आम जन निश्चिंत हो जांए
लिव इन रहे

नोट : लीव आउट आप की मर्जी

वह वह मकरंद, क्या सटीक व्यंगातमक टिप्पणी, बहुत ह बढ़िया कहा है.

प्रदीप मानोरिया said...

उत्तम विचार बेहतरीन कविता पढ़वाने के लिए धन्यवाद मेरी नई रचना कैलंडर पढने हेतु आप सादर आमंत्रित हैं

विवेक सिंह said...

बच्चे का फोटो लगा के पब्लिक को भरमा रहे हो .

seema gupta said...

पर अब ऐसा नही होगा
देश का सामाजिक विकास होगा
सभी ब्लोग्धारी आम जन निश्चिंत हो जांए
लिव इन रहे
" what a presentation with the magic of words, so simple and so impressive.."

regards

ilesh said...

khubsurat............

सतीश सक्सेना said...

बहुत अच्छा लिखते हो !