Wednesday, October 22, 2008

ब्लोगधारी

ब्लोगधारी और ब्लॉग
रोटी संग साग
टिपण्णी ठंडा पानी
निरंतर चलती कहानी

सबके अपने फलसफे
सबकी अपनी अदा
खट्टी मीठी नोक झोंक
पर रिश्ता सबसे सदा

इश्क और मासूका
लोकतंत्र और नेता
समाज के हर पहलू पर
चलती हे इनकी वाणी
दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

11 comments:

योगेन्द्र मौदगिल said...

आपको भी दीवाली की शुभकामनाएं
आपकी काव्यमय बधाई बढ़िया है

Udan Tashtari said...

सही विश्लेषण-दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें.

रंजना [रंजू भाटिया] said...

दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें..बढ़िया लिखा है आपने

डॉ .अनुराग said...

ये भी एक दुनिया है....

ताऊ रामपुरिया said...

इश्क और मासूका
लोकतंत्र और नेता
समाज के हर पहलू पर
चलती हे इनकी वाणी
दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें

रश्मि प्रभा said...

nok-jhonk to sneh badhaata hai......aapko bhi diwali ki shubhkamnayen

bhoothnath said...

बात तो तैने बड्डी भडिया कही भैये.....लेकिन करां के ..म्हारा जिसा भटका हुआ को यो ई तो इक आसरो है ..और के ....!! तैने...और बाकि का सारा ब्लागरों ना भी दीपावली की शुभकामनाएं ....!!

seema gupta said...

सबके अपने फलसफे
सबकी अपनी अदा
खट्टी मीठी नोक झोंक
पर रिश्ता सबसे सदा
" beautiful expression in this four lines"

Regards

दीपक "तिवारी साहब" said...

very good. keep it up .

मनुज मेहता said...

सबके अपने फलसफे
सबकी अपनी अदा
खट्टी मीठी नोक झोंक
पर रिश्ता सबसे सदा

wah wah, kya baat hai makrand sahab, bahut khoob kaha aapney.

विनय said...

सुन्दर और स्वच्छ कविता है, दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ!