चीख-चीख कर खबर बेचने वाले एँकर को देखो तो लगता है की फुटपाथ पर कोई साँडे का तेल बेच रहा हो. [17]
मुंबई स्प्रिट ??? [15]
पांच पैसे ने बचाई जान! [13]
" लुन्गाडे यार किसके ? खाए पीये और खिसके !" [13]
ताऊ का सैम और "अ" हटाकर अच्युतानंदन [11]
मय्यत में कन्धा देने को, अब्बू तक पास न आयेंगे [10]
एक दिलजले के सवाल [9]
****कोई मेरे जख्म सी दे [9]
उस्तरा किस के हाथ? [9]
आप तो जानते हैं इन नेताओं को [7]
उसे छिप छिपकर देखने की कोशिश करता हूं... [7]
वेलकम भूतनी पुत्र [7]
आग घर के ही चरागों से है इस घर मे लगी [ग़ज़ल] -
सात दिन सात पोस्ट!! [6]
मुम्बई - आतंक के बाद [6]
क्या हुस्न है क्या जमाल है ... [6]
हम स्वाभिमानी फिर से कब होंगे ? [6]
एक तो बरसाती मेंढक, दूसरा चश्माधारी, तीसरा आँख का अँधा और चौथा भोंपु [6]
क्या आप ने यह नक़्शा देखा है?
[5] पत्रकारो... तुम कहाँ हो? [5]
वह न्यूज चैनल का प्रोड्यूसर है [5]
मरी बिल्ली पर चादर [5]
मुम्बई एपिसोड और हमारा राष्ट्र-प्रेम : एक पहलू यह [4]
आज मनमोहन को एक जोरदार थप्पड़ जड़ा है जरदारी ने [4]
जीने और जीने में फ़र्क बहुत है...! [4]
ब्लॉग पर traffic बढ़ाएं-3 [4]
आतंकवादी [4]
A Wasp - एक ततैया [4]
लो हो गई श्रऋधांजलि पूरी : हमारा कदम [4]
इबारत [4]
टिप्पणियों में संयत भाषा का प्रयोग करें [4
ग़ज़ल
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छोड़कर हमको प्रिये, ताउम्र पछताओगी तुम
दिल हमारा तोड़कर, रहने कहाँ जाओगी तुम।
फूल से चेहरे पे आँसू का लगा जैसे हुज़ूम,
आईने में देखकर, खुद से ही घबराओगी तुम।...
2 weeks ago







15 comments:
adbhut,shaandaar,satik,karara.......bahut achha laga
bahut badhiya
बेहतरीन आइडिया लगा यह ..बहुत बढ़िया
वाह भाई मकरंद सर ! लाजवाब आईडिया ढूंढ़ कर लाये आप तो !
रामराम !
what an idea makrand ji
बहुत खुब..
अच्छी प्रस्तुति..दिलचस्प।
वाट एन आईडिया सर जी।
बहुत सुंदर कविता लिखी आप ने मेने यह हिस्सो मे पढी थी, आज एक ही जगह पढ ली , धन्यवाद :)
वाह शानदार.. हर्र न फ़िटकरी और देखो रंग आया चोखा !
Excellent compilation, brother!
यह एक नया प्रयोग है एवं पहली बार में सफल हो गया है.
इस विधा को आगे बढायें!!
सस्नेह -- शास्त्री
" ha ha ha great collection"
Regards
लेकर ब्लाग थोड़े-थोड़े,
मकरंदजी ने नाते जोड़े।
waah 1 jawaab nahi aapka.bahut khoob.
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