Tuesday, December 30, 2008

नो दो ग्यारह

नव वर्ष की संध्या पर
मचा हुआ हे गोरख धंधा
डांस और मस्ती unlimited
विजातीय साथी होना जरुरी
विज्ञापनों की लहर
अखबारों में ऐसी
लगता हे इस रात की सुबह नही ......
कपल पास का जुगाड़ कीजिये
सवेरे नो दो ग्यारह हो जाइये

12 comments:

Amit said...

mast likha hai...

ताऊ रामपुरिया said...

कपल पास का जुगाड़ कीजिये
सवेरे नो दो ग्यारह हो जाइये

बहुत लाजवाब मकरंद सर ! आनन्द आगया !
कहां ले जारहे हो 31st को ? :)

रामराम !

seema gupta said...

नव वर्ष की संध्या पर
मचा हुआ हे गोरख धंधा
डांस और मस्ती unlimited
विजातीय साथी होना जरुरी
" great... dance but with conditions ha ha ha "

regards

MANVINDER BHIMBER said...

कपल पास का जुगाड़ कीजिये
सवेरे नो दो ग्यारह हो जाइये
क्या कहना .....भाई waah ..... एसा ही होता है क्या

राज भाटिय़ा said...

नव वर्ष की संध्या पर
मचा हुआ हे गोरख धंधा
यह गोरख धंधा ही तो इस देश को ले डुबेगा जनाब
बहुत सुंदर लिखा आप ने.
धन्यवाद

नटवर सिंह राठौड़ said...

बहुत बढ़िया लिखा है आपने .....मस्त हो जाईये इस जशन में ....आपको नववर्ष ही हार्दिक बधाई ~~~~~

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

नव वर्ष की संध्या पर
मचा हुआ हे गोरख धंधा

संस्कृति के नाम पर "पैसे बनाओ और निकल जाओ" का ही खेल है हर तरफ़!

रश्मि प्रभा said...

bahut sahi.....

विनय said...

नववर्ष की हार्दिक मंगलकामनाएँ!

नीरज गोस्वामी said...

नव वर्ष की आप और आपके समस्त परिवार को शुभकामनाएं....
नीरज

Akanksha said...

नया साल...नया जोश...नई सोच...नई उमंग...नए सपने...आइये इसी सदभावना से नए साल का स्वागत करें !!! नव वर्ष-२००९ की ढेरों मुबारकवाद !!!

Dev said...

First of All Wish U Very Happy New Year....

Nav varsh par ek sundar rachana...
Regards