Thursday, September 18, 2008

चुनाव

लोकतंत्र के खंभे पर
ये टेड़े खड़े हो जाते हैं !
जन्म से तो हैं वफादार
पर संगत में बिगड़ जाते हैं !

अब मौसम भी रहा है
झुंड के झुंड में नजर आयेंगे !
जिसकी भी स्किल (skill) होगी
वो कर्मवीर पा जायेगा !

कुछ फेयर हैं कुछ लवली
किसकी किस्मत में बन्टी और बबली
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा

23 comments:

ताऊ रामपुरिया said...

ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा


बहुत बढिया मकरंद सर !
बेहतरीन लिखा है ! बधाई !

दीपक "तिवारी साहब" said...

क्या मकरंद जी आप तो बहुत दिनों बाद
दिख रहे है ! भाई ज़रा जल्दी आया करिए !
बहुत बढिया !

seema gupta said...

कुछ फेयर हैं कुछ लवली
किसकी किस्मत में बन्टी और बबली
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा

" seen u after a long time, very well written"

Regards

योगेन्द्र मौदगिल said...

Wah sahab Wah
Mazaa aa gaya

रश्मि प्रभा said...

किसकी किस्मत में बन्टी और बबली....
bahut hi badhiyaa aur sahi vishay ka chayan kiya hai......

sab kuch hanny- hanny said...

कुछ फेयर हैं कुछ लवली
किसकी किस्मत में बन्टी और बबली
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा
sabse pahle to mere blog par aane or tippni karne k liye dhanwad
.aapka blog dekha chunavi mausam to chchha gaya.

भूतनाथ said...

अब मौसम भी आ रहा है
झुंड के झुंड में नजर आयेंगे !
जिसकी भी स्किल (skill) होगी
वो कर्मवीर पा जायेगा !

क्या बात है ? बधाई !

betuki@bloger.com said...

बहुत बढ़िया।

Smart Indian - स्मार्ट इंडियन said...

बहुत सुंदर, मकरंद भाई!

अशोक पाण्डेय said...

कुछ फेयर हैं कुछ लवली
किसकी किस्मत में बन्टी और बबली
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा

बहुत खूब, मकरंद भाई। अच्‍छा रहा :)

राज भाटिय़ा said...

कया बात हे बहुत ही सुन्दर कविता हे,
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा
धन्यवाद

G M Rajesh said...

aapse rubru hokar padhne ka maukaa milaa
makrandji sunder likhaa hai rahi baat roman greek chinese japanese korean ki to aa ko bataan chaahungaa ki vishw men sarvaadhik boli jaane vali bhashaa mendaarin hai bhartiy bhashaaon ka teesra sthaan hai banglaa bhashaa inme alag hai aur 7ve sthaan par hai

Shastri said...

हिन्दी चिट्ठाजगत में इस नये चिट्ठे का एवं चिट्ठाकार का हार्दिक स्वागत है.

मेरी कामना है कि यह नया कदम जो आपने उठाया है वह एक बहुत दीर्घ, सफल, एवं आसमान को छूने वाली यात्रा निकले. यह भी मेरी कामना है कि आपके चिट्ठे द्वारा बहुत लोगों को प्रोत्साहन एवं प्रेरणा मिल सके.

हिन्दी चिट्ठाजगत एक स्नेही परिवार है एवं आपको चिट्ठाकारी में किसी भी तरह की मदद की जरूरत पडे तो बहुत से लोग आपकी मदद के लिये तत्पर मिलेंगे.

शुभाशिष !

-- शास्त्री (www.Sarathi.info)

Shastri said...

एक अनुरोध -- कृपया वर्ड-वेरिफिकेशन का झंझट हटा दें. इससे आप जितना सोचते हैं उतना फायदा नहीं होता है, बल्कि समर्पित पाठकों/टिप्पणीकारों को अनावश्यक परेशानी होती है. हिन्दी के वरिष्ठ चिट्ठाकारों में कोई भी वर्ड वेरिफिकेशन का प्रयोग नहीं करता है, जो इस बात का सूचक है कि यह एक जरूरी बात नहीं है.

वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिये निम्न कार्य करें: ब्लागस्पाट के अंदर जाकर --

Dahboard --> Setting --> Comments -->Show word verification for comments?

Select "No" and save!!

बस हो गया काम !!

प्रदीप मानोरिया said...

कुछ फेयर हैं कुछ लवली
किसकी किस्मत में बन्टी और बबली
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा
सुंदर विचार स्वागत है हिन्दी ब्लॉग जगत में निरंतरता बनाए रखें मेरे ब्लॉग पर भी दस्तक दें

संजीव said...

सत्‍य चिंतन, आभार
एवं

स्‍वागत हिन्‍दी चिट्ठाजगत में
...


आरंभ

Yatish Jain said...

यू ही लिखते रहिये क़तरा-क़तरा

ज्ञान said...

जन्म से तो हैं वफादार
पर संगत में बिगड़ जाते हैं !

क्या खूब!
लिखते रहें

Udan Tashtari said...

बेहतरीन!!

डॉ .अनुराग said...

कुछ फेयर हैं कुछ लवली
किसकी किस्मत में बन्टी और बबली
ये तो वक्त बताएगा ताऊ !!
पर लोकतंत्र हमेशा मुस्कराएगा

भाई वाह...ये तो खरी खरी हो गयी

pritima vats said...

बहुत अच्छी कविता है। बिल्कुल सही लिखा है आपने।

Shastri said...

"लोकतंत्र के खंभे पर
ये टेड़े खड़े हो जाते हैं !
जन्म से तो हैं वफादार
पर संगत में बिगड़ जाते हैं !"

वाह, क्या सशक्त अभिव्यक्ति है! लिखते रहें!!

-- शास्त्री

-- हिन्दी एवं हिन्दी चिट्ठाजगत में विकास तभी आयगा जब हम एक परिवार के रूप में कार्य करें. अत: कृपया रोज कम से कम 10 हिन्दी चिट्ठों पर टिप्पणी कर अन्य चिट्ठाकारों को जरूर प्रोत्साहित करें!! (सारथी: http://www.Sarathi.info)

Shastri said...

वर्ड वेरिफिकेशन हटाने के लिये बधाईयां!!!