हमारी सुरक्षा मजबूत हे
तभी तो जहाज साबुत हे
बिना रडार काम चलता हे
लोकतंत्र में भ्रष्टाचार सब तरफ मुमकिन हे
सब समुद्री नमक के शोकिन हे
आप में हो हिम्मत तो सड़क पर चल कर दिखाइए
पर समुन्दर में बे रोक टोक चले आइये
नाव में जो मज्जा
वो विदेशी बोट में कहाँ ?
खरीदी हे मगर
वो जोश हैं कहाँ ?
आइये नमन करें
वंदन करें
हमारी आजादी सुरक्षित हे
ग़ज़ल
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छोड़कर हमको प्रिये, ताउम्र पछताओगी तुम
दिल हमारा तोड़कर, रहने कहाँ जाओगी तुम।
फूल से चेहरे पे आँसू का लगा जैसे हुज़ूम,
आईने में देखकर, खुद से ही घबराओगी तुम।...
1 week ago






