नव वर्ष की हार्दिक शुभ कामनायें
मोहब्बत अब दिल से नहीं
दिमाग से की जाती हे
जिम्मेदारी नहीं ली जाती हे
जियो और मरने दो का फार्मूला हे
गधे एक तरफ़ा मोहब्बत करते हे
घोड़े तो अस्तबल में मोंज करते हे
जमाना बदल रहा हे
रिश्तों में भावनायों का सूरज ढल रहा हे
अब नीम के पेड काट दिए जाते हे
क्यों की सामने वाली खिड़की के बीच में आते हे
मौन का आधार और संवाद का आकार
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मौन के विज्ञान के
विद्वान भी होंगे कहीं,
हम भला कैसे कहें कि
मौन का आधार क्या है।
प्रश्न जब कोई उठे और
उत्तरों की प्यास हो,
दो तटों को जोड़ दे
उस सेतु की ह...
1 week ago

2 comments:
बहुत बढ़िया वाकई में....और नव वर्ष की शुभकामनाएँ.........."
प्रणव सक्सैना
amitraghat.blogspot.com
गुडी पडवा की बहुत बधाई.
रामराम.
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