हमारी सुरक्षा मजबूत हे
तभी तो जहाज साबुत हे
बिना रडार काम चलता हे
लोकतंत्र में भ्रष्टाचार सब तरफ मुमकिन हे
सब समुद्री नमक के शोकिन हे
आप में हो हिम्मत तो सड़क पर चल कर दिखाइए
पर समुन्दर में बे रोक टोक चले आइये
नाव में जो मज्जा
वो विदेशी बोट में कहाँ ?
खरीदी हे मगर
वो जोश हैं कहाँ ?
आइये नमन करें
वंदन करें
हमारी आजादी सुरक्षित हे
सच: कुछ हाइकु खरे-खरे
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*1. खरे बोल से तौबा*
कड़वा सच,
सुनाते ही रहते,
सह न पाते।
*2. पर उपदेश*
ज़हर सच,
औरों को ही पिलाते,
खुद न पीते।
*3. अहंकार*
कहते खरे,
कोई और जो कहे,
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4 hours ago
