हमारी सुरक्षा मजबूत हे
तभी तो जहाज साबुत हे
बिना रडार काम चलता हे
लोकतंत्र में भ्रष्टाचार सब तरफ मुमकिन हे
सब समुद्री नमक के शोकिन हे
आप में हो हिम्मत तो सड़क पर चल कर दिखाइए
पर समुन्दर में बे रोक टोक चले आइये
नाव में जो मज्जा
वो विदेशी बोट में कहाँ ?
खरीदी हे मगर
वो जोश हैं कहाँ ?
आइये नमन करें
वंदन करें
हमारी आजादी सुरक्षित हे
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
17 hours ago
