हमारी सुरक्षा मजबूत हे
तभी तो जहाज साबुत हे
बिना रडार काम चलता हे
लोकतंत्र में भ्रष्टाचार सब तरफ मुमकिन हे
सब समुद्री नमक के शोकिन हे
आप में हो हिम्मत तो सड़क पर चल कर दिखाइए
पर समुन्दर में बे रोक टोक चले आइये
नाव में जो मज्जा
वो विदेशी बोट में कहाँ ?
खरीदी हे मगर
वो जोश हैं कहाँ ?
आइये नमन करें
वंदन करें
हमारी आजादी सुरक्षित हे
साक्षात्कार
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तुम्हें निर्मल देखना चाहता हूँ मैं,
विशुद्ध रूप, न कोई आभूषण,
न प्रसाधन, न भूमिका, न रंग-रोगन
मात्र तुम, अपने अस्तित्व की प्रथम ध्वनि जैसी।
एक बार तुमसे मिल...
21 hours ago
