हमारी सुरक्षा मजबूत हे
तभी तो जहाज साबुत हे
बिना रडार काम चलता हे
लोकतंत्र में भ्रष्टाचार सब तरफ मुमकिन हे
सब समुद्री नमक के शोकिन हे
आप में हो हिम्मत तो सड़क पर चल कर दिखाइए
पर समुन्दर में बे रोक टोक चले आइये
नाव में जो मज्जा
वो विदेशी बोट में कहाँ ?
खरीदी हे मगर
वो जोश हैं कहाँ ?
आइये नमन करें
वंदन करें
हमारी आजादी सुरक्षित हे
समकेन्द्रीय वृत्त
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*(एक केयरगिवर की गाथा)* मेरे हिस्से में थे—
साझा खाते,
साझे उत्सव,
और हर वह तस्वीर
जिसमें मैं नहीं था;
क्योंकि मैं हमेशा
कैमरे के उस पार खड़ा था।
तुम्हार...
1 day ago
