कुत्तों की पंचायत में
कुतिया ने गुहार लगाई
अगर सारे ये सब मेरे भाई
तो में किसकी लुगाई
पंचायत में एक दहाड़
शेर बूढ़ा भी हो
जुगाली तो कर ही सकता हे
कुतिया शरमाई
फिर में जंगल ही चली जाती
कम से कम हनीमून तो मनाती
पंचायत से फिर एक दहाडा
हमारा हुक्म और तुम्हारी नाफ़रमानी
इस देस में अब नहीं बहता नदियों में पानी
जहरीले सापों खुद तो रेंग रहे हो
लोकतंत्र पर भी नजर हे
पर याद रहे
कालिया मर्दन भी हमारा शगल हे
🌙ग़ज़ल - तुम्हारे हैं
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Happy New Year 5128 📅 "रौद्र" नामक संवत्सर पर सबको शुभकामनाएँ 🙏 *श्री
शालिवाहन शक 1948, युगाब्द 5128, संवत 2083 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुढीपड़वा,
नवरात्र...
1 day ago

6 comments:
bahut sateek vyang...aur haan thoda vartani me badlaav kar dijiye...hai aur main me...
बहुत खूब मकरन्द॥॥॥
कहाँ गायब रहते हो मकरंद. स्कूल की तो छुट्टी चल रही है न??
प्रशंसनीय ।
आजकल आप भी मेरि तरह कम लिख रहे हो कम दिख रहे हो
दिखते रहो लिखते रहो और देखते भी रहो
वाह मकरंदजी, वाह। सचमुच आप छा गये।
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