Showing posts with label इश्क. Show all posts
Showing posts with label इश्क. Show all posts

Friday, December 24, 2010

तुम मुस्कुराते हो
हम दफ़न हो जाते हैं
स्कैम के पुतले
अमर हो जाते हैं

सारा मीडिया तुमाहरे पीछे
ठगा हुआ सा कल हमारे आगे

तुम राजा हम रंक
हँसते हँसते झेल रहे
नागिन के डंक
लोकतंत्र में नाग
फन फैलाये
कोई बदनाम हो
किसी को जवानी आये

प्याज के छिलके उतर रहे हैं
सुना हे सबके पते
नगर वधु की डायरी में मिल रहे हैं

हवा में फरमाया गया इश्क
वो भी पकड़ा गया
अब तो डीएनए की जांच जरुरी हे
बुढा पे ये नई मजबूरी हे

पटरी पर समझोते हो रहे हैं
सड़क पर नवजात छोड़े जा रहे हैं
हवाई जहाज हिचकोले खा रहे हैं
वर्त्तमान मुस्कुरा रहा हे
भविष्य दफ़न हो रहा हैं

Thursday, November 20, 2008

खोज जारी हें

नये नये अवतार
सजे धजे दरबार
इश्वर लापता हें
खोज जारी हें

रिश्तों के नये आयाम
मीडिया करे व्यायाम
इश्क लापता हें
खोज जारी हे

नये नये ढोर
कर रहे हे शोर
लोकतंत्र लापता हे
खोज जारी हे

नये नये हीरो
नयी नयी हिरोइन
हिट लापता हे
खोज जारी हे