हाथी सड़क पर ,
मद मस्त जा रहा था
कुत्ता भोंका,
हाथी को नागवार गुजरा
सूंड में लपेट कर जो
पटकनी दी,
कुत्ते की दुम सीधी हो गयी
कुत्ता माँयुस हो गया ,
बोला तोड़ देते ,
अगर मेरी टांग,
कुछ दिन में ठीक हो जाती
पर आपने ने तो
आदमी बना दिया ................
हिंदी ग़ज़ल: अनुराग शर्मा
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द्वार प्रेम के खुले हुए हों, बंद झरोखे संशय के हों,
मिटते साये छल के दिल में, बीते कल के भय के हों।
साफ़ नज़र आती है मंज़िल, साफ़ नज़र है राहों की,
मिटने ह...
3 days ago

4 comments:
बहुत बढ़िया......."
amitraghat.blogspot.com
शायद, इन जीवों से पूछें तो यही कहें वे! :(
वाकई अफ़्सोसजनक.
रामराम.
हाय!!
बहुत बढ़िया.
वाह मकरंद!!
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