लोकतंत्र में चुनाव एक त्यौहार हें,हमने भी सोचा चन्दे का सांड पाल लें
सांड अब शहर में
आयेंगे ,
मुस्कुराएंगे ,
गायों से तमीज से पेश आयेंगे
अब तुम चाहो
तो ये चारा भी ,
तुम्हारे हाथों ,
खायेंगे
लोकतंत्र में ऐसा
अवसर हर बार आता हे
नतीजा आते ही
सांड ट्रैफिक कंट्रोलर हो जाता हे,
गायें सांड पालक के
खूटे से बंध जाएँगी
कमाई की इस से बेहतर
scheme क्या होगी .....................
mutual फंड जोखिम का सौदा हें पर हमारे इस mutual fund की NAV विश्व में सर्वाधिक हें
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
