लोकतंत्र में चुनाव एक त्यौहार हें,हमने भी सोचा चन्दे का सांड पाल लें
सांड अब शहर में
आयेंगे ,
मुस्कुराएंगे ,
गायों से तमीज से पेश आयेंगे
अब तुम चाहो
तो ये चारा भी ,
तुम्हारे हाथों ,
खायेंगे
लोकतंत्र में ऐसा
अवसर हर बार आता हे
नतीजा आते ही
सांड ट्रैफिक कंट्रोलर हो जाता हे,
गायें सांड पालक के
खूटे से बंध जाएँगी
कमाई की इस से बेहतर
scheme क्या होगी .....................
mutual फंड जोखिम का सौदा हें पर हमारे इस mutual fund की NAV विश्व में सर्वाधिक हें
हिंदी ग़ज़ल: अनुराग शर्मा
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द्वार प्रेम के खुले हुए हों, बंद झरोखे संशय के हों,
मिटते साये छल के दिल में, बीते कल के भय के हों।
साफ़ नज़र आती है मंज़िल, साफ़ नज़र है राहों की,
मिटने ह...
3 months ago
