परेड ग्राउंड की पार्किंग में
जेसे ही मेने गाड़ी पार्क की
वो आया
मुस्कुराया
दुम हिलाई
टांग उपर की
चला गया ................
ग्राउंड पर चर्चा व्याप्त थी
सत्यम बेल आउट पैकेज ........
शायद साहस में भी मंदी हे
अब साठ के बाद कहाँ तेजी
अब तो मंद मंद जुगाली ही करेगा
उधारी में हो अगर जंगल
तो राजा सिर्फ़ टांग ही उपर कर सकता हे
हिंदी ग़ज़ल: अनुराग शर्मा
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द्वार प्रेम के खुले हुए हों, बंद झरोखे संशय के हों,
मिटते साये छल के दिल में, बीते कल के भय के हों।
साफ़ नज़र आती है मंज़िल, साफ़ नज़र है राहों की,
मिटने ह...
3 months ago
