परेड ग्राउंड की पार्किंग में
जेसे ही मेने गाड़ी पार्क की
वो आया
मुस्कुराया
दुम हिलाई
टांग उपर की
चला गया ................
ग्राउंड पर चर्चा व्याप्त थी
सत्यम बेल आउट पैकेज ........
शायद साहस में भी मंदी हे
अब साठ के बाद कहाँ तेजी
अब तो मंद मंद जुगाली ही करेगा
उधारी में हो अगर जंगल
तो राजा सिर्फ़ टांग ही उपर कर सकता हे
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
