सभी प्रकार के कांडों में लिप्त हे सांड
अब लायो कोई नया ब्रांड,
नया साल जो आ गया
सीडी , दलाली , संसद ,रिश्वत ,
आतंक ताज ओबेराय मुंबई
ये तो पिछला साल खा गया,
ब्रांड इंडिया चमक रहा चारों और
शेयर बाज़ार बना गया अर्थशास्त्रियों को ढोर,
इस बार तो ब्यूटी को भी नही मिला भाग्य का साथ
हिरोईनों ने कर लिया बिकनी को आत्मसात,
रुपहले परदे पर कपडों की क्या बिसात
नए साल में और प्रयोग होंगे ,
इस बार तुम जो भी ब्रांड लायो
इतनी कृपा करो माँ को मत बेच खाओ
🌙ग़ज़ल - तुम्हारे हैं
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Happy New Year 5128 📅 "रौद्र" नामक संवत्सर पर सबको शुभकामनाएँ 🙏 *श्री
शालिवाहन शक 1948, युगाब्द 5128, संवत 2083 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुढीपड़वा,
नवरात्र...
1 day ago

11 comments:
bahut badhiya shabdon me aaj ke kalyug ko vyakt kiya hai.. nav varsh ki shubhkaamnaye..
samay chitra achha khincha hai
नए साल में नए ब्रांड लाओ पर माँ को मत बेचो .....बढ़िया है जमाये रहो भैय्या .
बहुत बढिया मकरंद सर.
रामराम.
इस बार तुम जो भी ब्रांड लायो
इतनी कृपा करो माँ को मत बेच खाओ
-सुंदर
नये वर्ष की औपचारिक शुभकामनाओं से हट कर की गई इस कामना के लिये बधाई और आभार।
बहुत ज़बरदस्त रचना !!!!!
नये वर्ष की शुभकामना..
नये साल की मुबारकबाद कुबूल फरमाऍं।
मकरंद भाई, आप तो गज़ब कविता लिख रहे हो, बधाई!
बढीया रचना ।
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