चमचो को चरण स्पर्श
नेताओँ को वंदन
जांच की चिता पर
लोकतंत्र का चंदन
मगरमच्छ के आंसू
एक्टिंग भी धांसू
नही मिला सुराग जमी पर
पानी का जहाज ले आए
दूम हिलाते बफादारोँ
कर्जे में डूबे राष्ट्र के कुबेरों
इतिहास तुम्हे माफ़ नही करेगा
तुम बच भी गए , आने वाली नस्ल को साफ़ करेगा
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
