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Monday, March 30, 2009

सुरा और साडी

सपेरे मुस्कुरा रहे हें
सांपों की बारात हे
मेंडक कर रहे डांस
देश के ऐसे हालात हें

बीन बजा रहे संत
जन मानस रहा डोल
अर्थवयस्था में होल
लोकतंत्र की पोल

चुनाव में चर्चा जारी
कही बटेगी सुरा
कही साडी

Saturday, October 18, 2008

चुनाव का टिकट

बंद एसी कमरे में
चिंतन धीर गम्भीर
बाहर खड़े candidate
हो रहे अधीर

किराये पर बुलाये
दिखा रहे आँखे
छुटभहिये नेता
इधर उधर झांके

सफ़ेद पोशो की आड़ में
नगर वधुओं की टोली
मचा हुआ घमासान
जबरन चंदा वसूली

मिल जाए टिकट
तो भाग्य खुल जायेंगे
हार भी गए
पैसा ब्याज पर चलाएंगे