ब्लोगधारी और ब्लॉग
रोटी संग साग
टिपण्णी ठंडा पानी
निरंतर चलती कहानी
सबके अपने फलसफे
सबकी अपनी अदा
खट्टी मीठी नोक झोंक
पर रिश्ता सबसे सदा
इश्क और मासूका
लोकतंत्र और नेता
समाज के हर पहलू पर
चलती हे इनकी वाणी
दीपावली की हार्दिक शुभकामनायें
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
