कुत्ते अब लिफ्ट से
चदते उतरते हें
आदमी सीडियों से
शुगर का जमाना हें,
माताएं इठलाती हें
फ्रोजेन फ़ूड खिलाती हें
सॉफ्ट ड्रिंक पिलाती हें
साइज़ जीरो का जमाना हें,
सात फेरे लेने से
नही होती शादी
अब तो
गठबंधन का जमाना हें
लोकतंत्र अब
बुडा हो चला
कटोती के चलते
पेंशन लेने का जमाना हें
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
