सभी ब्लॉग धारियों को
शत शत मेरा प्रणाम
नित नित नव सृजन का
करते नव भारत का निर्माण
सब के अपने रंग
सब के अपने ढंग
सब की अपनी काया
सब की अपनी माया
फेला हर तरफ़ विषाद
अपराध आतंक से भयभीत
चारों तरफ समाज
नवरात्र के पावन बेला में
करे हम नया सूधार
टिप्पणियों का मोह छोड़
लिखे रोज नया विचार
शुभकामनाये
नवरात्र शुभ हो
रावन दहन जरुर बचों को दिखाएँ
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
