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Monday, September 1, 2008

बेहाल

वर्तमान बेहाल

भूत के कमाल

भविष्य विकराल

लोकतांत्रिक धमाल


वनों से पेड़ हाफ

बाढ़ से कई गाँव साफ़

गीले हैं लिहाफ

मंगाई का ग्राफ


वातानुकूलित कमरों का कमाल

कहीं हर्ष कहीं कर्फ्यू

भूमि वही

सिर्फ़ रक्त सिंचित