आतंकवाद का जीडीपी बढ़ा
सडकों से फाइव स्टार जा पहुँचा
वार्ता जारी हे ,
सभी स्तरों पर
चैनलों पर रणनीती
फिर वही पुराने कलाकार
माइक पर रहे चिंघाड़
आतंकवादी बातचीत को तैयार
मेहमान मेरे घर में मारा गया
मेरे अपने का सर से साया गया
लोकतंत्र के रहनुमाओं
इस समाज को जनखा मत बनाओ
वक्त कठिन है
निर्णय की घड़ी है
मत एक दुसरे पर इल्जाम लगाओ
आजादी की तस्वीर पर माला मत चढाओ
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
