अजब तमाशा
गजब हे खेल
दोस्ती की रेलमपेल
गिफ्ट कर रहे प्रदान
कागा गा रहे
प्यार की तान
नेटवर्किंग का जमाना हे
फोटो देखे के फ़साना हे
भोले भले फंसे रहे हे
ये सामाजिक फ्राड़ीये हंस रहे हैं
भावानायोँ की तिजारत जारी हैं
जिस्म की भूख सबसे भारी हे
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
