किराये की कोख उपलब्ध हे,
पाश इलाके में फ्री
गरीब बस्तियों में प्रीमियम लगेगा,
नीचे लिखा था शर्तें लागु .
विज्ञापन देख हमारा माथा ठनका ,
हमने तुरुंत, ब्रोकर को फ़ोन लगाया ,
वो बोला ,क्या सेवा चाहेए
हमने कहा जब फ्री में उपलब्ध हे , प्रीमियम कोंन देगा .....
उधर से आवाज़
आई विज्ञापन पूरा नही पढ़ा ,
शर्तें लागु हे ....
पाश इलाके में नो माह
बाद चैक मिलेगा,
और प्रीमियम में,
लड़का या लड़की .
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
-
कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
