अब कुत्तों की रैंप पैर
फैशन परेड होगी
डिजाइनर चिंदी लपेटे हसिनाये ,
मुस्कुरायेंगी , ये दूम हिलाएंगे
रैंप पैर डांस भी होगा
जनता से रोमांस भी होगा
कसमे वादे प्यार बफाये
नाटक का मचन होगा
फिर ये सेलेक्ट हो जायेंगे
हसिनायो के साथ रैंप पैर आयेंगे
और हम जीभ निकाल, नगे,
दुम हिलाते नज़र आयेंगे
नाखुश - हिंदी ग़ज़ल
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कामरेड नाखुश हैं हमसे, मंदिर-मस्जिद वाले भी
मज़दूरों के नेता नाखुश, नाखुश उनके लाले भी॥
नाशादों को शाद करूँ, यह सोच रहा हूँ कुछ दिन से
जले दिलों के इस जग मे...
1 week ago
