अब कुत्तों की रैंप पैर
फैशन परेड होगी
डिजाइनर चिंदी लपेटे हसिनाये ,
मुस्कुरायेंगी , ये दूम हिलाएंगे
रैंप पैर डांस भी होगा
जनता से रोमांस भी होगा
कसमे वादे प्यार बफाये
नाटक का मचन होगा
फिर ये सेलेक्ट हो जायेंगे
हसिनायो के साथ रैंप पैर आयेंगे
और हम जीभ निकाल, नगे,
दुम हिलाते नज़र आयेंगे
हिंदी ग़ज़ल: अनुराग शर्मा
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द्वार प्रेम के खुले हुए हों, बंद झरोखे संशय के हों,
मिटते साये छल के दिल में, बीते कल के भय के हों।
साफ़ नज़र आती है मंज़िल, साफ़ नज़र है राहों की,
मिटने ह...
3 months ago
