पेड़ के नीचे से जेसे ही निकले
किसी ने बालों को पकड़ कर ऊपर उठा लिया
क्यों बेटा
खिसक गई जमीन
बता में कोंन हूँ ?
हमने कहा
पुराने शहीद हो
हिंसा पर उतर आये हो ,
जबकी हम आपकी बिरादरी को बढावा दे रहे हें
चुनाव में आपका फोटो लगाया
कुर्सी पाई
अभी चोराहे पर आपका शिलान्यास कराया
और आपने बाल पकड़ कर हमे ही लटकाया
बातचीत जारी हे
आपके हित का
हमने ध्यान रखा हे
हिंदुस्तान में हरे भरे उपवनों के बीच एक VIP स्थान रखा हे
🌙ग़ज़ल - तुम्हारे हैं
-
Happy New Year 5128 📅 "रौद्र" नामक संवत्सर पर सबको शुभकामनाएँ 🙏 *श्री
शालिवाहन शक 1948, युगाब्द 5128, संवत 2083 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, गुढीपड़वा,
नवरात्र...
1 day ago

16 comments:
बड़े कृतघ्न हैं पुराने शहीद!:)
बहुत जोरदार लिखा आज तो मकरन्द सर !
वाकई गजब का ...विचार ..
अभी चोराहे पर आपका शिलान्यास कराया
और आपने बाल पकड़ कर हमे ही लटकाया
बातचीत जारी हे
आपके हित का
हमने ध्यान रखा हे
हिंदुस्तान में हरे भरे उपवनों के बीच एक VIP स्थान रखा हे
" amezing, mind blowing creation"
Regards
ek dum khari bat kahin aapne
पकड़ है ज़मीन पर, लेखनी पर!
kuch leak se hatakar bahut hi sateek.
kataksh sahi hai....
अरे वाह ! बहुत सटीक लिखा आप ने .
धन्यवाद
हिंदुस्तान में हरे भरे उपवनों के बीच एक VIP स्थान रखा हे
इतना ध्यान तो जन-प्रतिनिधियों ने अपने जन का भी न रखा जितना शहीदों का - कभी उन्हें झूठा बना देते हैं तो कभी उन्हीं के नाम का नारा लगा कर सारे वोट ले जाते हैं.
MAZAA AA GAYAA
VAAH
बहुत सुंदर अभिव्यक्ति आज के हालत की
इतना करार व्यंग्य
sateek vyangaya kiya hai aapne
वाह क्या बात है...सही जवाब दिया भई...:)
bahut khoob makarand bhai
bahut hi sahi likha hai aapne.
keep writing
हिंदुस्तान में हरे भरे उपवनों के बीच एक VIP स्थान रखा हे...kya bat kahi hai janab.
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